शुरुआत
अमावस्या मंशा रीति
मंशा सरल करने और एक छोटी शुरुआत चुनने के लिए।
मंशा
नए चक्र में आते समय मंशा सरल करो और एक सच्ची शुरुआत चुनो।
अभ्यास
मंशा साफ करने, विचार समेटने और नरम शुरुआत में सहारा देता है।
रीति के बाद
सात सुबह, अपनी मंशा से जुड़ा एक छोटा कदम कैलेंडर में लिखो।
कब करें
अमावस्या या उसके बाद 48 घंटे में, बेहतर हो तो शांत शाम में।
किसमें सहारा देता है
मंशा साफ करने, विचार समेटने और नरम शुरुआत में सहारा देता है।
सामग्री
डायरी या कागज़कलमसफेद मोमबत्ती या नरम रोशनीएक गिलास पानी
अभ्यास प्रवाह
- शांत जगह बनाओ और धीरे सांस लो।
- इस चक्र की तीन तक मंशाएँ लिखो।
- हर मंशा के नीचे एक छोटा कदम जोड़ो।
- पानी पकड़कर मंशा मन में दोहराओ।
- नोट संभालो और सात दिन बाद पढ़ो।
समापन
आज एक छोटी सच्ची शुरुआत काफी है।
छोटी बात
रीति-रिवाज पक्का परिणाम नहीं देते। वे मंशा व्यवस्थित करने, मन शांत करने और भीतर की आवाज़ सुनने की जगह बनाते हैं।
